ललितपुर में थाने में तैनात आरक्षी ने आईडीएफसी बैंक पर लगाया धोखाधड़ी करने का आरोप

हिमांशु सुडेले के साथ दशरथ कुशवाहा की रिपोर्ट

शिकायती पत्र देकर ब्रांच मैनेजर सर्वेयर सहित अज्ञात लोगों पर फर्जी तरीके से लोन निकालने का लगाया आरोप
एसपी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
ललितपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा में कार्यरत थाने में तैनात एक आरक्षी ने धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसके नाम से बैंक से बड़ा लोन निकालने का आरोप लगाया है। उक्त घटना के संबंध में उसने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बैंक मैनेजर सर्वेयर सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला भी पंजीकृत कराया। पीड़ित आरक्षी का आरोप है कि उसने कभी किसी भी बैंक से लोन नहीं लिया और ना ही कभी आवेदन किया था। फिर भी कुछ तथाकथित धोखेबाजो ने एक षड्यंत्र के तहत उसके नाम से फर्जी दस्तावेज लगाकर बड़ा लोन निकाल लिया है।
   प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सौजना में तैनात जनपद फतेहपुर निवासी आरक्षी हिमांशु श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय राघवेंद्र बहादुर श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि उसने एसबीआई बैंक से पर्सनल लोन हेतु आवेदन किया था। जिसके बाद उसे पता चला कि उसका एक अन्य लोन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड से खाता संख्या 3278 5162 पर चल रहा है जिसके क्लीयरेंस के बाद ही उसे अगला लोन मिल सकेगा। जबकि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड से उसका कोई संबंध नहीं है और ना ही उसका वहां पर कोई खाता है और ना ही कभी उसने लोन के संबंध में कोई वार्ता की थी। पीड़ित आरक्षी का आरोप है कि उक्त तथाकथित बैंक के मैनेजर सर्वेयर एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा एक षड्यंत्र के तहत उसके नाम से धोखाधड़ी करते हुए नकली दस्तावेजों के आधार पर लोन निकाला गया है। लोन की जानकारी होने पर जो हुआ है बैंक मैनेजर के पास पूछताछ करने पहुंचा था तब बैंक मैनेजर ने इस संबंध में किसी भी जानकारी देने से इंकार कर दिया था और गोपनीयता भंग होने का हवाला दिया था उसे आशंका है कि बैंक मैनेजर और उसके अन्य कर्मचारियों सहित कई अन्य लोगों की संहिता के चलते धोखाधड़ी करते हुए उसके साथ लोन निकालकर फ्रॉड किया गया है। इस प्रार्थना पत्र के हवाले से उसमें पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की मांग उठाई थी जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना सोजना पुलिस ने उक्त मामले को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड के अज्ञात ब्रांच ब्रांच मैनेजर, सर्वेयर और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आएपीसी की धारा 420 467 468 471 120 बी के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ कर दी है

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