झांसी और कानपुर की आयकर टीमों की चोरी छुपे की गई छापेमारी से गल्ला मंडी के व्यापारियों में मचा हड़कंप

छापामारी करते अधिकारी

करोड़ों के वन उपज महुआ की खरीद-फरोख्त में संलिप्त दो व्यपारियो द्वारा लाखों का टीडीएस टीसीएस जमा न होने पर टीम ने की छापेमारी

छापेमारी के दौरान दुकानदारों के खंगाले दस्तावेज

संबंधित अधिकारियों ने इस बारे में कुछ भी कहने से किया इनकार

हिमांशु सुडेले के साथ दशरथ कुशवाहा की रिपोर्ट
ललितपुर। सरकार द्वारा वर्ष 2000 22 में वन उपज को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया था जिसमें गल्ला मंडी के दुकानदारों द्वारा वनोपज महुआ की करोड़ों की खरीद-फरोख्त को लेकर झांसी और कानपुर के आयकर विभाग की टीमों ने जनपद की नवीन गल्ला मंडी के सगिया पारियों के यहां चोरी छुपे छापामार कार्यवाही की तो व्यापारियों में हड़कंप देश की स्थिति देखी गई। इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने तमाम दुकानदारों के यहां खरीद-फरोख्त संबंधी दस्तावेज खिलाड़ी और टीडीएस टीसीएस जमा न होने व्यापारियों को नोटिस भी थमाए। इस मामले में जब छापेमारी कर रही टीमों के अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने दबी जबान में मामले की कुछ जानकारी दी और मामले को कुछ गोलमाल कर गए जिससे छापेमारी की कार्यवाही पर कुछ संदिग्धता भी नजर आई।
                 मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की दोपहर नवीन गल्ला मंडी के अंदर झांसी और कानपुर की टीमें गाड़ियां लेकर दाखिल हुई और चिन्हित दुकानदारों के यहां जाकर चोरी छुपे छापामार कार्यवाही की। बताया गया है कि आयकर विभाग की झांसी और कानपुर की टीमों ने नवीन गल्ला मंडी  स्थित व्यापारी दुकानदार अड़कू लाल श्याम लाल और सनत कुमार एंड कंपनी के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर महुआ सम्बन्धी खरीद फरोख्त के दस्तावेज खंगाले। इस दौरान बताया गया कि सरकार ने 2022 में वनोपज कानून के तहत महुआ को वनोपज माना है जिसकी खरीद-फरोख्त के लिए टीडीएस और टीसीएस काटकर जमा करना पड़ता है। छापेमारी करने वाली कानपुर  और झांसी की टीम में आयकर आयुक्त आरके गुप्ता, अपर आयकर आयुक्त सतीश चंद्र रजौरी के निर्देशन में विष्णु शंकर प्रसाद आयकर अधिकारी, आरके त्रिपाठी, आयकर अधिकारी आरके पाठक आयकर निरीक्षक शामिल रहे। यह भी जानकारी दी गई कि महुआ की क्रय विक्रय करने पर ढाई प्रतिशत कर काटकर जमा करना था जो नहीं किया गया । यह भी जानकारी मिली है कि दोनों ही दुकानदारों पर करीब चार-चार करोड़ की खरीद-फरोख्त करने के परिपेक्ष्य में लाखों का टेक्स बकाया होना पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि खरी कर कटौती करो से जमा किया जाना चाहिए था जो दुकानदारों द्वारा नहीं किया गया। इसी मामले के परिपेक्ष में यहां पर छापेमारी की गई है और दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए हैं। आयकर विभाग की छापेमारी से गन्ना गल्ला मंडी परिसर में हड़कंप जैसी स्थिति देखी गई । हालांकि व्यापारी नेता ने व्यापारियों के साथ टीम का घेराव किया और बातचीत के दौरान पूरी बात को समझ कर टीम को अपना काम करने दिया। इस मामले में छापामारी कर रहे अधिकारियों ने ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

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